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विविध भजन

Other Bhajan

सासू जी तेरी एक न मानूंगी कुम्भ मेला को जाऊंगी
प्रयाग नगरी बसे संगम के तीरे जहां गंगा मैया जहां यमुना मैया, जहां गंगा यमुना और सरस्वती मैया त्रिवेणी की धार बहे धीरे-धीरे,
महाकुंभ में डुबकी लगा महादेव जी मिल जाएंगे
मेरी सासू पूछे बात हो बात क्या करन गई थी सत्संग में
स्वर साज सजाते हो मां वीणा बजाते हो
मेरा छोटा सा परिवार हरि आ जाओ एक बार
मेरी इस ज़माने में हस्ती न होती, अगर तुम न होते
गया जो गया उसको जाने दीजियेगा, नए साल में कुछ तो नया कीजियेगा।।
नए साल में कुछ तो नया कीजियेगा
हमें रखना सदा खुशहाल
मेरे दाता मेरा मान न तू तोड़ी लोकी मैनू तेरा आखदे
प्रभात फेरी आई होई ए
किस-किस को नाच नचाए गई रे माया की चिडिया
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥
मां मांवा हुंदीयां ने🌹मांमां ठंडियाँ छामा हुंदीयां ने
अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले
एक दिन रोओगे चीखे पुकार के, माता पिता की अपने मूर्ति निहार के,
कदे ना मुकने कम्म वे चल सत्संग चलिये सत्संग चलिये, द्वारा ओदा मलिये
हे श्री हरि नारायण सबके दुख दूर करो
गायों की सेवा करो, रोज नवाओ शीश
जिन्दगी एक किराए का घर है
जीवन का भरोसा नही कब मौत आ जायेगी
दो गज कफ़न का टुकड़ा, तेरा लिबाज़ होगा,
आराम के क्या क्या साथी थे, जब वक्त पडा तब कोई नहीं।
कुछ पल की जिंदगानी एक रोज सबको जाना।
जब तेरी डोली निकाली जाएगी,
भाव बिन मिले नही भगवान
ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में, तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में ,
मेरे दाता के दरबार में, सब लोगो का खाता,
सो तीरथ का पुण्य मिलेगा मिलेगा हर दुःख से आराम,
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ।
धीरे-धीरे मोड़ तू इस मन को इस मन को तू इस मन को
मेरे पिता मेरे भगवान,मेरी दुनिया कर विरान, कहां तुम चले गये।
मुझे उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया, मेरे बाबा
तुम्बा जिन्दगी दा, सदा नहीं वजदे रहना
बात समझ में आई अब हमारी, झूठी है सारी दुनियादा
रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है
चिठ्ठी मौत वाली स्वर्गा तों आई तू सिमरन कर बन्दया,
इतनी शक्ति हमें देना दाता
बात समझ में आई अब हमारी झूठी है सारी दुनियादारी
की दम दा भरोसा यार, दम आवे ना आवे
जिनको है बेटियां वो ये कहते हैं
प्रभु तू याद आता क्यों नहीं है| मुझे अपना बनाता क्यों नहीं है|
क्या लेकर तू आया जग में, क्या लेकर तू जाएगा
जिंदगी एक किराये का घर है, एक न एक दिन बदलना पड़ेगा
तेरी है ज़मीन तेरा आसमान
इतनी शक्ति हमें देना दाता
हे प्रभु मुझे बता दो चरणों में कैसे आऊँ हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ, माया के बंधनो से, छुटकार कैसे पाऊँ, हें प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ ना जानु कोई पुजन, अज्ञानी हुँ मैं भगवन, करना कृपा दयालू, इसे कैसे मैं दिखाऊं, हें प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ मैं हुँ पतित स्वामी, तुम हो पतित पावन, अवगुण भरा ह्रदय है, इसे कैसे मैं दिखाऊँ, हें प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ अच्छा हूँ या बुरा हूँ, जैसा भी हूँ तुम्हारा, ठुकराओ ना मुझे अब, चरणों में सिर झुकाऊं, हें प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ, माया के बंधनो से, छुटकार कैसे पाऊँ, हें प्रभु मुझे बता दो, चरणों में कैसे आऊँ
कबीर के दोहे
भैया इस रेशम की डोरी से मैं प्यार बांध कर लाई
दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए
ओ वीर मेरा तेरा प्यार रहे
दिल से जिस ने पुकारा सामने पाया
तू जो चाहता है होता वही है प्रभु तेरा किया सब सही है
तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है
तेरे चरणों में रहूं में तेरा जाप करते करते
मुझे तूने दाता बहुत कुछ दिया है
ओ मात पिता तुम्हे वंदन
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