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Bhajan Potli
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राम भजन
Ram bhajan
तेरी मःद मंद मुसकनिया पे बलिहार राघव जी
रंग चढया राम दा मेरे राम दे रंग न्यारे
राम नाम अति मीठा है कोई गा के देख ले
होया राम अवतार गिद्धा पाओ सखियो
जग में रामायण सुखदाई, जो जन पढ़े पार हो जाई
ओ कर्मा वाले ने जिन्ना दे घर राम परौने आए
जेड़ा राम राम गावे ओहदी लगे हाज़री
फूल बिछाओ डगरिया में मेरे आते हैं राम नगरिया में
मेरे राम ने चिठठीया पाईया
अयोध्या आये मेरे प्यारे राम बोलो जय जय श्री राम
बन रहा मंदिर राम का चलो अयोध्या धाम
आ ही गए रघुनंदन सजवादो द्वार-द्वार
पलकें ही पलकें बिछाएंगे जिस दिन राम प्यारे घर आएंगे
मंदिर मे बिराजो श्री राम, खुशी में सब झुमेंगे
राम का नाम बड़ा अनमोल नारायण नारायण हरि हरि बोल
पलकें ही पलकें बिछाएंगे जिस दिन राम प्यारे घर आएंगे
शबरी दे घर आए परौने जगह हो गई तंग नी मैं किथे बिठावा
मेरी झोपडी के भाग, आज जाग जाएंगे, राम आएँगे ॥
राम नाम रटो डरने की क्या बात है खुल जाए तेरा मुक्ति का हर द्वार है
राम नाम रटो डरने की क्या बात है खुल जाए तेरा मुक्ति का हर द्वार है
आओ बसाये मन मंदिर में झांकी सीताराम की
मन धीर धरो घबराओ नहीं श्री राम मिलेंगे कहीं ना कही
भिलनी नचे ते भगडे पावे अज मेरे राम ने आना है
सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई ।
जिसे है भरोसा श्री राम जी का वही लूटता है मजा जिंदगी का
कर लेना तुम भजन राम का, भव से पार उतर जाओगे
हे राम जग में साचो तेरो नाम
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले
मैं भी तेरे बाग दा, इक फुल मेरे मालका
झुक जइयो तनक रघुवीर, सिया मेरी छोटी है,
तीन बार भोजन, भजन एक बार, राम तेरी माला जपी ना एक बार,
अब राम लला आये है ह ुए राम भक्त खुशहाल अवध में राम लला आये है,
गोकुल में भागवत मथुरा में गीता भजो राम सीता-- भजो राम सीता
खिली दर्शन की गुल्ज़ार, कैसी छायी है बहार,
धरती से गगन तक ढूंढा लिया
राम कहने से तर जाएगा,
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
आज राम मेरे घर आए
सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं
धोबी के घर हुई तकरार,
राम के चरणों में जो भी आ गया,
आज राम लियो अवतार बोलो जय जय राम
बल्ले बल्ले बधाई सारे भगता नू
श्री राम जय राम जय जय राम| - दोहे
राम राम बोलो प्यारे राम राम बोल
मेरी कुटिया के खुल गए भाग मेरे घर राम आ गए
राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे
राम आ जाणगें फेरा पा जाणगे घर मेरे,
रंग वाले देर क्यों है मेरा चोला रंग दे
सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं,
चंदन के पलने में झूले रघुराई,देख-२ हरषाये कौशल्या माई
नगरी हो अयोध्या सी,रघुकुल सा घराना हो
राम पिया मोरी रंग दे चुनरियाँ,रंग दे चुनरियाँ मोरी
श्री राम स्तुति
रामायण चौपाई - मंगल भवन, अमंगल हारी
रोम रोम में बसने वाले राम
श्रीराम अमृतवाणी श्री राम शरणम् अमृतवाणी
रामायण मनका 108 राम मनका
नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो
रोम रोम में बसने वाले राम
नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो
मैनू राम जी दे चरणा दा
आओ बसाए मन मंदिर में झांकी सीता राम की
भए प्रगट कृपाला दीन दयाला
मेरे राम दया के सागर है मेरी बिगडी बनाओ तो जानू
राम कहानी सुनो रे राम कहानी
मेरे मन मंदिर में राम
सीताराम कहो राधे श्याम कहो मन मेरे
जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा
मेरी अरज सुनो श्री राम
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