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सौगंध मुझे इस मिट्टी की

Saugandh mujhe is mitti ki

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा मैं खुद मिट जाऊंगा लेकिन ये देश नहीं झुकने दूंगा

ये धरती मुझसे पूछ रही कब मेरा कर्ज चुकाओगे ये अंबर मुझसे पूछ रहा कब अपना धर्म निभाओगे मैंने वचन दिया भारत मां को तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा मैं खुद मिट जाऊंगा लेकिन यह देश नहीं झुकने दूंगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा मैं खुद मिट जाऊंगा लेकिन ये देश नहीं झुकने दूंगा

वो जितने अंधेरे लायेगें मैं उतने उजाले लाऊगां वो जितनी रात बढ़ाएंगे मैं उतने सूर्य उगाऊंगा इस छल फरेब की आंधी में ये दीप नहीं बुझने दूंगा मैं खुद मिट जाऊंगा लेकिन ये देश नहीं झुकने दूंगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा मैं खुद मिट जाऊंगा लेकिन ये देश नहीं झुकने दूंगा
#bhajan potli

श्रेणी:

देश भक्ति गीत

स्वर:

Sangeeta kapur

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