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सासू जी तेरी एक न मानूंगी कुम्भ मेला को जाऊंगी

Sasu ji teri ek na manugi kumbh mela ko jaugi

सासू जी तेरी एक न मानूंगी कुम्भ मेला को जाऊंगी

बहू तुम कैसे जाओगी, वहां है भीड़ बड़ी भारी
संग सजना को लेलूँगी, कुम्भ मेला......

बहू तुम कैसे जाओगी, वहां की लंबी बड़ी दूरी
बैठ गाड़ी में जाऊंगी, कुम्भ मेला.....

बहू तुम कैसे जाओगी, गोद में बेटा छोटा है
लाल को गोदी ले लूंगी, कुम्भ मेला.....

बहू तुम कैसे जाओगी, ससुर की आज्ञा नहीं है
ससुर से आज्ञा ले लूंगी, कुम्भ मेला.....

बहू तुम कैसे जाओगी, आई घर नंद तुम्हारी है
नन्द को संग में ले लूंगी, कुंभ मेला....
@bhajan potli

बहू तुम कैसे जाओगी, हमारे सर में दर्द भारी
दवाई तुम्हे दिलाए दूंगी कुम्भ मेला......

श्रेणी:

विविध भजन

स्वर:

Sarika Bansal

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