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सावन की आयी है बहार, चलो री सखी वृंदावन में
Sawan ki aai hai bahar chalo ri sakhi vrindavan mai
सावन की आयी है बहार, चलो री सखी वृंदावन में।
राधा मिलेगी वहाँ सखियाँ मिलेंगी,
सबके मन की कलियाँ खिलेंगी,
कान्हा से होगी मुलाकात,
चलो री सखी वृंदावन में।
सोने का पलना रेशम की डोरी,
झूल रही है राधा गौरी।
झूम उठा संसार, चलो री सखी वृंदावन में।
मोर बोले पपीहा बोले,कोयल बोले पपीहा बोले,
देख देख ऋतु लाड्ली डोले,
पवन करे गुहार, चलो री सखी वृंदावन में।
श्याम झूले राधा झुलाये,
राधा झूले श्याम झुलाये,
ललिता झूले, विशाखा झुलाये,
#bhajanpotli
गावे गीत मल्हार, चलो री सखी वृंदावन में।
राधा की पायल, मोहन की मुरली,
सब सखियाँ आईं दौडी दौडी,
दोनो की गूंजे झंकार, चलो री सखी वृंदावन में।
सावन की आयी है बहार, चलो री सखी वृंदावन में।
#jhulageet #jhulabhajan
श्रेणी:
सावन स्पेशल
स्वर:
Pooja Tanejaji
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