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मैं वृंदावन आई मैं घर नहीं जांदी

Main Vrindavan aai main Ghar nahi jandi

मैं वृंदावन आई मैं घर नहीं जांदी
क्यों नहीं जांदी मेरी मर्जी

घर विच मिलदी सूखी रोटी, ओथे मक्खन मलाई
मैं घर नहीं जांदी क्यों नहीं जांदी मेरी मर्जी

घर विच मिलदी फटी हुई कमली
ओथे नवी रजाई
मैं घर नहीं जांदी क्यों नहीं जांदी मेरी मर्जी

घर विच मिलदी फटी हुई चुन्नी
ओथे रेशम साड़ी
मैं घर नहीं जांदी क्यों नहीं जांदी मेरी मर्जी

घर विच मेनू काम बथेरे जान नू मेरे सो झमेले
ओथे रास रचाई मैं घर नहीं जांदी क्यों नहीं जांदी मेरी मर्जी

घर विच माला जपन ना देंदे, कीर्तन भजन वी करन ना देंदे
ओथे संगतां नाल लाई मैं घर नहीं जांदी

इथे मिलदे झूठे रिश्ते ओथे कृष्ण कन्हाई मैं घर नहीं जांदी

घर विच पेन दियां सो सो झिड़का
भई श्याम ने गल नाल लाई मैं घर नहीं जांदी

श्रेणी:

कृष्ण भजन

स्वर:

Meenu sethi ji

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