मेरा शिव सन्यासी हो गया भक्तो के वेडे मे
Mera shiv sanyashi ho gaya
मेरा शिव सन्यासी हो गया भक्तो के वेडे मे
वो मस्त भंग मे खो गया भक्तो के वेडे मे
सावन की मस्त बहारों देखो ठंडी चले फुहार
मै इससे ज्यादा क्या कहूँ क्या कहूँ क्या कहूँ वो नशे में टल्ली हो गया भक्तो के वेडे मे
मेरा शिव सन्यासी हो गया भक्तो,,,,,,,,,
कैलाश मे हल्ला भारी कहॅ चले गए त्रिपुरारी
कही बहमा विष्णु ढूढेओर ढूढे गोरा प्यारी
संग मे नंदी को लै गया भक्तो के वेडे मे
मेरा शिव सन्यासी हो गया,,,,,,,,,
भोले का रुप निराला,,है लम्बे चोटे वाला
कर मे तिशूल और डमरू,,गल मे सरपो की माला
संग मे टोली को लै गया भक्तो के वेडे मे
मेरा शिव सन्यासी हो गया भक्तो के वेडे मे
मेरा नाथ बडा है भोला जो पीये भाँग का गोला
जोगी का वेश बनाया,,भक्तो का। दिल नई तो डा
संग मे गौरा को लै गया भक्तो के वेडे मे
मेरा शिव सन्यासी हो गया भक्तो के वेडे मे,,,,,,,,,,,,,,,,🙏🙏
श्रेणी:
शिव जी भजन
स्वर:
Anita Sobti ji