बात समझ में आई अब हमारी झूठी है सारी दुनियादारी
Baat samaj mai aai ab hamari
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी,
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी,
और ना लो अब परीक्षा हमारी हमारी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी प्रभु हम तुम्हारी,
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मैं मेरा का भ्रम अब है टूटा,
समय ने किया सब रिश्ता ये झूठा,
मैं मेरा का भ्रम अब है टूटा,
समय ने किया सब रिश्ता ये झूठा,
मोह माया में मति गकी है मेरी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी,
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी।
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जिनपे भरोसा करके समझा था अपना,
टूटा भरम सारा मिथ्या था सपना,
जिनपे भरोसा करके समझा था अपना,
टूटा भरम सारा मिथ्या था सपना,
मतलब की थी सब की यारी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी,
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी।
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चंचल मन ने बहुत है नचाया,
धन्य ही कमाने का लक्ष्य बनाया,
चंचल मन ने बहुत है नचाया,
धन्य ही कमाने का लक्ष्य बनाया,
चैन गया उड़ी नींद अब बिचारी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी,
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी।
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अंतिम आशा भरोसा तिहारा,
थक गया हूँ चहुँ और से हारा,
अंतिम आशा भरोसा तिहारा,
थक गया हूँ चहुँ और से हारा,
दृष्टि दया की करो मंगलकारी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी,
बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी।
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बात समझ में आई अब हमारी,
झूठी है सारी दुनियादारी,
और ना लो अब परीक्षा हमारी,
आए शरण अब प्रभु हम तुम्हारी।।3
श्रेणी:
विविध भजन
स्वर:
Vineet kwatra ji