बंशी ओ बंशी इतना बता, तूने कौन सा पुण्य किया है खुश होकर कान्हा ने तुझको, हाथों में थाम लिया है बंशी बोलो ना ओ बंशी बोलो ना
bansi o bansi itna bata tune kon sa puniye kiya hai bansi bolo na
बंशी ओ बंशी इतना बता, तूने कौन सा पुण्य किया है
खुश होकर कान्हा ने तुझको, हाथों में थाम लिया है
बंशी बोलो ना ओ बंशी बोलो ना
सोने चांदी की होती तो, क्या से क्या कर जाती
बांस की होकर के मुरली तू, है इतना तड़पाती
सब को बस में करने वाली, श्याम को बस में किया है
खुश होकर कान्हा ने तुझको, हाथों में थाम लिया है
बंशी बोलो ना ओ बंशी बोलो ना
पीपल की छैया में कान्हा ,जब जब बंसी बजाए
ता ता थैया ता ता थैया, राधा नाचने आए
मुरली की धुन जिसने सुनी है, घायल वो तो हुआ है
खुश होकर कान्हा ने तुझको, हाथों में थाम लिया है
बंशी बोलो ना, ओ बंशी बोलो ना
@bhajan potli
कितना मीठा बंसी बोले, सबके मन को भाए
दुष्ट हो या सज्जन वो तो, नाचते-नाचते आए
मुरली की धुन जिसने सुनी है, घायल वो तो हुआ है
खुश होकर कान्हा ने तुझको हाथों में थाम लिया है
बंसी बोलो ना, ओ बंशी बोलो ना
श्रेणी:
कृष्ण भजन
स्वर:
Sarika Bansal