दूर रहो चाहे पास जी मेरे अंग संग रहना,
Dur raho chahe pass ji mere ang sang rahna
दूर रहो चाहे पास जी मेरे अंग संग रहना,
नित रहो मेरे साथ जी मेरे अंग संग रहना,
अंग संग रहना प्रभु अंग संग रहना,
नित रहो मेरे साथ जी मेरे अंग संग रहना।
चाहें आवन घोर अंधेरिया चाहें आवन रातां अंधेरिया,
रहना सदा मेरे साथ जी मेरे अंग संग रहना,
दूर रहो चाहे पास जी मेरे अंग संग रहना।
चाहे जितनी विपदा सताएं चाहे जितने दुख सताएं,
डोले ना मेरा विश्वास जी मेरे अंग संग रहना,
टूटे ना मेरा विश्वास जी मेरे अंग संग रहना,
दूर रहो चाहे पास जी मेरे अंग संग रहना।
तू ही सबके दिल दिया जानें तू ही सबकी नब्ज पहचानें,
जग की क्या औकात जी सब के अंग संग रहना,
#bhajanpotli
दूर रहो या पास जी सब के अंग संग रहना।
किसी नूं होंदा कोई प्यारा मेंनू तो कान्हा जी तेरा सहारा,
बेड़ा पार लगाओ जी मेरे अंग संग रहना,
दूर रहो चाहे पास जी मेरे अंग संग रहना,
नित रहो मेरे साथ जी मेरे अंग संग रहना।
#punjabibhajan
श्रेणी:
कृष्ण भजन
स्वर:
Kamla Madaan ji