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जय श्री पितर जी महाराज, थारी प्रेम से आरती गाऊं

Jai shri pitr ji maharaj thari prem se aarti gau

जय श्री पितर जी महाराज, थारी प्रेम से आरती गाऊं ---२
थारी प्रेम से आरती गाऊं, नित चरनन शीश झुकाऊं ---२
जय श्री पितर जी महाराज |

करूं तन मन से थारी सेवा, हे पितर जी कुल देवा ---२
सदा बनी रहे थारी कृपा, मुझ पर मनचाहा फल पाऊं ---२
जय श्री पितर जी महाराज |

आप हो पहली शक्ति, बड़ी सरल सुगम थारी भक्ति ---२
थारी पूजा से मिले मुक्ति, करके जीवन सफल बनाऊँ ---२
जय श्री पितर जी महाराज |

जिस घर में हो आपका पूजन, वहाँ आए नहीं कोई उलझन ---२
थारी झाँकी बड़ी मनभावन, मैं तो प्यार से चरण दबाऊँ ---२
जय श्री पितर जी महाराज |

श्रद्धा से दीप जगावे, थारी विजय आरती गावें ---२
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मां सरस्वती जी दया करें, थारी निशदिन महिमा गाऊं ---२
जय श्री पितर जी महाराज |

जय श्री पितर जी महाराज, थारी प्रेम से आरती गाऊं |
थारी प्रेम से आरती गाऊं, नित चरनन शीश झुकाऊं ||

श्रेणी:

पितर भजन

स्वर:

Sangeeta Aggarwal ji

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