जय जय पितर जी महाराज थांरी बोला जय जय कार
Jai Jai Pitar Ji Maharaj thari bolan jai jai kar
आप हमारे हृदय में, आपकी हम संतान |
आपके नाम से है जुड़ी, मेरी हर पहचान ||
आप का ॠण भारी सदा, नहीं चुकाया जाय |
सात जन्म भी कम पड़ें, वेद पुराण बताएं ||
हे पितर देव आपको, चाहवां आशीर्वाद ||
चरणा शीश नवां दियो, रख दयो सिर पर हाथ ||
जय पितर देव |
जय जय पितर जी महाराज
थांरी बोलां जय जयकार |
मन से ध्यावाँ मनावाँ
म्हारो कर दो बेड़ो पार ||
जय जय पितर जी महाराज -----2
नित उठ थारो देवां ध्यान लगावाँ
लाड लडावाँ थाने हाल सुनावाँ ----2
सुण जो म्हारी ये पुकार
टाबर बैठा भुजा पसार
मन से ध्यावाँ मनावाँ, म्हारो कर दो बेड़ा पार ||
जय जय पितर जी महाराज |
बेगा संभालों आओ देर ना लगाओ
बांट निहाराी थारी दर्श दिखाओ -----2
म्हाने थारो ही आधार
थारे बिण कुण हैं खेवनहार
मन से ध्यावाँ मनावाँ, म्हारो कर दो बेड़ा पार ||
जय जय पितर जी महाराज |
देव हो दयालु थे तो बड़ा दिलवाला
आस लगाकर बैठां बनो रखवाला -----2
म्हाने थारी है दरकार
सौंपी थाने या पतवार
मन से ध्यावाँ, मनावाँ म्हारो कर दो बेड़ा पार ||
जय जय पितर जी महाराज
थारी बोला जय जय कार |
मन से ध्यावाँ मनावाँ
म्हारो कर दो बेड़ा पार ||
जय जय पितर जी महाराज |
श्रेणी:
पितर भजन
स्वर:
Sangeeta Aggarwal