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तीज का त्यौहार

Teej ka tyohar

करने को पाठन पठन, आया सावन मास
ज्ञान बढ़ाने के लिए, चौमासा है खास
आते सावन मास में, भिन्न-भिन्न त्यौहार
पवो में ही निहित है, जीवन का आधार
हरा भरा परिवेश ले, आई सावन तीज
घर-घर में बनते सभी, व्यंजन बहुत लजीज
घर आंगन झूले पड़े, झूल रही है नार
अपनी अपनी दुल्हन, देख रहे भरतार
चोटी बिंदी चूड़ियां, माथे पर सिंदूर
बाला वृद्धा योवना, मस्ती में है चूर आप सभी को हरियाली तीज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
मनुष्य स्वभाव से ही प्रकृति प्रेमी है आसमान में बादल पपीहे की पुकार और बारिश की फुहार से खुश होकर लोग सावन मास की शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का लोक पर्व मनाते हैं पूरे उत्तर भारत में तीज पर्व बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है इस पव्र को श्रावणी तीज भी कहते इस पर्व में सुहागन स्त्रियां पूरा सिंगार करके देवी पार्वती की पूजा करती हैं हरियाली तीज से 1 दिन पहले दितीय तिथि को श्रृंगार दिवस के रूप में मनाते हैं जिसे सिद्धारा कहते हैं बहू बेटियों को तरह-तरह के मिष्ठान व्या
पकवान बनाकर खिलाए जाते हैं सिंघारे वाले दिन सभी स्त्रियां तरह-तरह की मेहंदी लगाती हैं और सज धज के अपनी सखियों के साथ झूला झूलने जाती हैं और हरियाली तीज के गाने गाती हैं राजस्थान में तीज को रितु उत्सव के रूप में मनाया जाता है सावन में हरियाली और मेघ घटाओं को देखकर लोग यह त्यौहार मिलजुल कर मनाते हैं इस उत्सव पर नदी के तट पर मेले लगते हैं और जगह-जगह झूले लगते हैं श्रावण मास में ब्रज के झूले बहुत विख्यात हैं श्री बल्लभ समुदाय में ठाकुर जी पूरे सावन मास झूला झूलते हैं अन्य मंदिरों में हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक हिंडोले सजाए जाते हैं वृंदावन में श्री बांके बिहारी तीज की रात को ही सोने चांदी के गंगा जमुनी विशाल हिंडोले में झुलाए जाते हैं मथुरा में द्वारकाधीश की घटाएं सुप्रसिद्ध हैं किसी दिन गुलाबी हरी तो किसी दिन काली घटा जैसे घटा होती है सारे पर्दे हिंडोले ठाकुर जी के वस्त्र सभी उस रंग के होते हैं इनमें काली घटा सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है श्रावण मास में घेवर फेनी और सेवइओं का प्रचलन अधिक है तीज में 1 दिन पहले बहनों और बहुओं को संधारा दिया जाता है इसमें वसत्र सौभाग्य सामग्री घेवर फेनी फल आदि और झूले पटरी शामिल होते है बरसाना में विशेषकर राधा रानी को सिंघाड़ा समर्पित कर श्रद्धालु हिंडोली के दर्शन करके गदगद हो जाते हैं हरियाली तीज को ठाकुर जी को मालपुए का भोग लगाने का विशेष महत्व है इस तरह पूरे उत्तर भारत में यह त्यौहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता तीज का त्यौहार है उमंगों का त्यौहार खिले हैं फूल बारिश की फुहार कहते हैं दिल से मुबारक हो आपको तीज का त्यौहार सबको तीज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं राधे-राधे जी सबको

स्वर:

सारिका बंसल (डिंपल)

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